Wednesday, August 11, 2021
Tuesday, October 27, 2020
निकिता बनी लव जिहाद की नई शिकार
राजधानी दिल्ली के करीब फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में कॉलेज से पेपर देकर निकली निकिता तोमर नाम की छात्रा के अपहरण की कोशिश। और अपहरण में नाकाम रहने पर छात्रा की सरेआम गोली मार की हत्या कर देना एक शर्मनाक घटना है। यह घटना कोई प्रेम प्रसंग में नाकाम रहने पर हुई है ऐसा नहीं है। घटना के पीछे पुलिस व समाज की लापरवाही और तेजी से बढती लव जिहाद की मानसिकता की एक बड़ी कहानी है। तौसीफ़ नाम का यह लड़का छात्रा को दो-तीन सालों से परेशान कर रहा था। तौसीफ़ निकिता को लव ज़िहाद के जाल में फंसाना चाहता था, लेकिन वो ऐसा करने में नाकाम रहा। तब उसने छात्रा को परेशान करना शुरू कर दिया। परिवार ने बताया कि तौसीफ़ निकिता पर इस्लाम कवूल कर निकाह का दवाब बना रहा था। इसकी शिकायत निकिता और उसके परिवार ने 2018 में पुलिस से भी की, लेकिन पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों में राजीनामा कराकर घर भेज दिया। पुलिस की इस कड़ी कार्रवाई से तौसीफ़ इतना डर गया कि उसने शिद्दत के साथ निकिता को परेशान करना शुरू कर दिया। इसके लिये परिवार ने पंचायत समेत हर सामाजिक व्यवस्था से मदद मांगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इससे तौसीफ़ के हौसले और बढ़ते चले गये। तौसीफ़ ने निकिता को अगवा कर उसका धर्म परिवर्तन कर निकाह की साज़िश रची। उसने इस साज़िश को अंजाम देने के लिये अपने एक दोस्त को नूंह से बुलाया। दोनों ने निकिता के पेपरों के बारे में पूरी जानकारी निकाली और उसके कॉलेज के बाहर उसकी ताक में खड़े हो गये। जैसे ही निकिता कॉलेज से निकली तो तौसीफ़ उसे गाड़ी में बैठाने की कोशिश करता है, लेकिन वो कामयाब नहीं हो पाता तो वो अपनी जेव से तमंचा निकालता है और छात्रा के सिर में गोली मार देता है।
ये हत्या लव जिहादियों का उन कथित सेकुलरिज्म के कीड़ों के मुंह पर तमाचा है, जो लव जिहाद के जैसे किसी शब्द को नहीं मानते या यूं कहें कि वो मानना नहीं चाहते। क्योकि ये उनकी राजनीति के लिए सुविधाजनक नहीं है।
हरियाणा सरकार को उन पुलिसकर्मियों पर भी हत्या का केस दर्ज करना चाहिए जिन्होंने 2018 में FIR होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की थी।
Wednesday, August 23, 2017
सेल्फी-मेनिया : समाज का एक अंधेरा पक्ष
Saturday, May 25, 2013
चीन और भारत
Wednesday, May 22, 2013
चीन पर लगाम लगाने का वक्त
इस पूरे मामले यह सिख मिलती है कि हम आज इतने कायर हो गए
है कि अपनी इज्जत बचाने के लिए हम दुसरों की महरबानी की जरूरत है। हमारी सरकार
इतनी कायर है कि वह कुछ भी करने से डरती है। मैं अपनी देश की जनता से पूछना चाहता
हुं कि क्या भारतीय सेना और भारतीय जन मानस में कायरता भरी हुई है। अरे हमारा देश
तो वीरों और वीरागंनाओं की जन्म भुमि है। यहां झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और
चिन्नमा जैसी बहादूर बेटी हुई है और आज हम अपने पूर्वजों के सम्मान को धुल में
मिला रहे हैं। आज भारत संयुक्त राष्ट्र संघ के सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता की
मांग कर रहा है। लेकिन जब हम अपने लिए कोई फैसला नहीं कर सकते तो ऐसी स्थिति में
किसी ओर के लिए हम कैसे उचित फैसला कर सकते है।Sunday, April 14, 2013
पाकिस्तानी मुसलमानों से प्रेम और हिंदुओ से बैर !
न्दु जो की कुम्भ स्नान के लिए आये थे उन्होंने अपनी दुर्दशा मीडिया और अन्य लोगो के सामने जाहिर की। उनका कहना था कि देश विभाजन के बाद से ही पाकिस्तान में उनके साथ गुलामों जैसा व्यवहार हो रहा है और आये दिन न केवल उन पर जुल्म व हमले होते हैं बल्कि उनकी आंखों के सामने ही उनकी बहू बेटियों की इज्जत लूट ली जाती है। उन्होंने बताया कि बेटियों की इज्जत बचाने के लिए वह 10 से 12 वर्ष की उम्र में ही उनकी शादियां कर देते हैं। यहा तक की हिन्दु औरतों को सिंदूर और बिंदी लगाने की भी इजाजत नहीं है। त्यौहार और पर्व तो वे क्या मनाएंगे।

